(((((((((( विद्वत्ता का घमंड )))))))))) . महाकवि कालिदास के कंठ में साक्षात सरस्वती का वास था. शास्त्रार्थ में उन्हें कोई पराजित नहीं कर सकता था. अपार यश, प्रतिष्ठा और सम्मान पाकर एक बार कालिदास को अपनी विद्वत्ता का घमंड हो गया. . उन्हें लगा कि उन्होंने व

30-01-2016 0 Answers
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