> बैठ जाता हूं मिट्टी पे अक्सर... > > क्योंकि मुझे अपनी औकात अच्छी लगती है.. > > मैंने समंदर से सीखा है जीने का सलीक़ा, > > चुपचाप से बहना और अपनी मौज में रहना ।। > > ऐसा नहीं है कि मुझमें कोई ऐब नहीं है > > पर सच कहता हू

04-08-2015 0 Answers
0 0